गुरु परंपरा को भारतीय संस्कृति की आत्मा बताते हुए संतों का लिया आशीर्वाद

उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर उज्जैन स्थित प्राचीन एवं ऐतिहासिक सांदीपनि आश्रम पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण के गुरु महर्षि सांदीपनि की पावन तपोभूमि में दर्शन एवं पूजन किया। उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गुरु चरणों में श्रद्धा अर्पित कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की।

मुख्यमंत्री ने "गुरु पूर्णिमा : गुरु परंपरा के लोकपर्व श्रद्धा समारोह" में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और गुरु-शिष्य परंपरा पर आधारित कई महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन किया। कार्यक्रम में उपस्थित संत-महात्माओं, विद्वानों, शिक्षाविदों एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी सनातन गुरु परंपरा से है। गुरु केवल ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक भी होते हैं।

डॉ. यादव ने कहा कि महर्षि सांदीपनि का आश्रम भारतीय संस्कृति और शिक्षा का ऐसा केंद्र रहा है, जहां भगवान श्रीकृष्ण, बलराम और सुदामा ने शिक्षा प्राप्त कर आदर्श गुरु-शिष्य संबंध की मिसाल प्रस्तुत की। यह परंपरा आज भी समाज को संस्कार, ज्ञान और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उज्जैन को आध्यात्मिक राजधानी के रूप में विकसित करने के साथ-साथ यहां की सांस्कृतिक धरोहरों को वैश्विक पहचान दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।