इंदौर। विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर श्री वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय के श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट ऑफ होम साइंस में वैज्ञानिक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और आमजन को खाद्य सुरक्षा, संतुलित पोषण, खाद्य स्वच्छता तथा सुरक्षित खाद्य प्रणालियों के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए), इंदौर के खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री मनीष स्वामी ने खाद्य पदार्थों में कृत्रिम एवं सिंथेटिक रंगों के अत्यधिक इस्तेमाल को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया। उन्होंने चाइनीज फूड में इस्तेमाल होने वाले कृत्रिम रंगों और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी। साथ ही शक्कर का सीमित सेवन करने पर जोर देते हुए मधुमेह के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई।
     कुलगुरु डॉ. योगेश चंद्र गोस्वामी ने विश्व खाद्य दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए खाद्य एवं पोषण के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग और उसके एकीकरण की संभावनाओं पर ध्यान आकर्षित किया।एसवीआईएचएस के समन्वयक डॉ. उत्तम शर्मा ने खाद्य एवं पोषण के महत्व की जानकारी देते हुए विभाग की विभिन्न उपलब्धियों से अवगत कराया।

       प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने पोस्टर प्रस्तुतियों, वैज्ञानिक मॉडलों और खाद्य उत्पादों के प्रदर्शन के माध्यम से खाद्य विज्ञान के विभिन्न पहलुओं को प्रस्तुत किया। खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच की व्यावहारिक प्रक्रिया से भी परिचित कराया गया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में  कुलगुरु डॉ. योगेश चंद्र गोस्वामी, एसवीआईएचएस के समन्वयक,डॉ. उत्तम शर्मा, डॉ. दीपाली सक्सेना, डॉ. श्वेता केसवानी, डॉ. मनीषा त्रिवेदी तथा श्रीमती पूर्वा तिवारी सहित विभाग के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।