इंदौर। 9वें राष्ट्रीय पोषण माह-2026 की शुरूआत आज की गई। 9 सितंबर से 8 अक्टूबर 26 तक ‘ हमारी आंगनवाड़ी , हमारी जिम्मेदारी’ थीम पर चलने वाले इस अभियान का शुभारंभ महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने किया। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी एवं डॉ. कविता पाटीदार विशेष रूप से मौजूद थीं।
महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि स्वस्थ बच्चे ही प्रदेश और देश के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप बच्चों, गर्भवती एवं धात्री माताओं के पोषण और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देते हुए जनभागीदारी के साथ कार्य किया जाएगा। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि पोषण माह के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएगी। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य पदार्थों और पारंपरिक व्यंजनों को बढ़ावा देकर बच्चों को पौष्टिक एवं संतुलित आहार उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि गर्भवती और धात्री माताओं को अपने स्वास्थ्य एवं खान-पान के प्रति जागरूक रहना भी आवश्यक है। गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक भोजन लेने से मां और बच्चे दोनों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है तथा कुपोषण की रोकथाम में मदद मिलती है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं द्वारा माताओं को पोषण, स्वच्छता और बच्चों की देखभाल के संबंध में निरंतर समझाइश दी जा रही है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों को अभिभावकों, सरपंचों, पार्षदों, जनप्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं सहित समाज के सभी वर्गों से जोड़ा जाए। सामूहिक प्रयासों से आंगनवाड़ी केंद्रों की गतिविधियों को और प्रभावी बनाया जा सकता है। मंत्री सुश्री भूरिया ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं से कहा कि वे स्थानीय जरूरतों के अनुसार नए नवाचार करें और बेहतर कार्यों को सोशल मीडिया के माध्यम से साझा कर अन्य आंगनवाडी केंद्रों को भी प्रेरित करें। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि विभाग द्वारा आंगनवाड़ी भवनों की उपलब्धता बढ़ाने, मिनी आंगनवाड़ियों को मुख्य आंगनवाड़ी में उन्नयन करने तथा कर्मचारियों की लंबित पदोन्नति की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के प्रयास किए गए हैं। बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण के साथ-साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की सुविधाओं का भी ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि 9वें राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान अशासकीय संस्थाओं के सहयोग से भी विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाएंगी। उन्होंने सभी से पोषण अभियान को जनआंदोलन का रूप देने और योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग के लिए चार संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षरित किए गए। कार्यक्रम में अमेरिकन इंडिया फाउंडेशन, आईपीई ग्लोबल तथा नई दिशा फाउंडेशन के साथ एमओयू किया गया। इन संस्थाओं के सहयोग से बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा तथा आंगनवाड़ी केंद्रों की गतिविधियों को और प्रभावी बनाने के लिए कार्य किया जाएगा। मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि शासन के प्रयासों के साथ सामाजिक संस्थाओं एवं अन्य संगठनों की सहभागिता से पोषण और बाल विकास से जुड़ी गतिविधियों को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों को समाज के विभिन्न वर्गों एवं संस्थाओं से जोड़कर बच्चों के स्वस्थ एवं सर्वांगीण विकास के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया जा सकता है।
राज्यसभा सांसद डॉ. कविता पाटीदार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि 'हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी' के नारे के साथ बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा। सांसद डॉ. पाटीदार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आज का बच्चा कल के देश का भविष्य है और विकसित राष्ट्र के संकल्प का मजबूत आधार है। उन्होंने पोषण माह को केवल भोजन की व्यवस्था तक सीमित न रखकर पौष्टिक आहार को महत्व देने पर जोर दिया। सांसद डॉ. पाटीदार ने वन स्टॉप सेंटर, पोषण ट्रैकर के माध्यम से माताओं का रजिस्ट्रेशन और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसी योजनाओं का उल्लेख किया, जो महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर रही हैं। उन्होंने सभी से इन योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में लगी पोषण प्रदर्शनी में दिखी स्थानीय खाद्य की विविधताएं
पोषण माह के शुभारंभ कार्यक्रम अवसर पर लता मंगेशकर सभागृह परिसर में पोषण मेले एवं रेसिपी की प्रदर्शनियां लगाई गई। इनमें टेक होम राशन (THR), गर्म पका भोजन (HCM), क्षेत्रीय पौष्टिक व्यंजन, स्थानीय दालें, चना, मूंगफली, सोया, दूध एवं दुग्ध उत्पाद, मिलेट्स और मौसमी सब्जियों से तैयार व्यंजनों का प्रदर्शन किया गया। ‘Know Your Protein—अपने प्रोटीन को पहचानें’ अभियान के माध्यम से परिवारों को प्रोटीन के विभिन्न स्थानीय स्रोतों और संतुलित आहार के महत्व की जानकारी दी गई।
डॉ. श्वेता केसवानी फूड एंड न्यूट्रिशन विभाग ने “आहार विविधता, पर्याप्त प्रोटीन” विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि स्वस्थ जीवन के लिए भोजन में विभिन्न प्रकार के पोषक तत्वों का संतुलित होना जरूरी है। आहार में दालें, अनाज, दूध एवं दुग्ध उत्पाद, अंडे, सोयाबीन, मेवे और हरी सब्जियों को शामिल कर पर्याप्त प्रोटीन प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उम्र, कार्यक्षमता और शारीरिक आवश्यकता के अनुसार संतुलित आहार लेना चाहिए। विविधतापूर्ण भोजन शरीर को आवश्यक पोषण देने के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी सहायक होता है।
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